गतिज ऊर्जा क्या है , गतिज ऊर्जा का सूत्र

गतिज ऊर्जा का विमीय सूत्र, गतिज ऊर्जा और संवेग में संबंध, स्थितिज ऊर्जा, गतिज ऊर्जा की इकाई होती है, कणों की गतिज ऊर्जा किसमें अधिकतम होती है, यांत्रिक ऊर्जा, ऊर्जा का सूत्र, गतिज ऊर्जा इकाई, स्थितिज ऊर्जा, पोटेंशियल एनर्जी, ऊर्जा संरक्षण का नियम, शक्ति का एसआई मात्रक, स्थितिज ऊर्जा का सूत्र, रेखीय वेग का सूत्र, कार्य का सूत्र, घर्षण की विमा, ऋणात्मक त्वरण,स्थितिज ऊर्जा मराठी माहिती, शक्ति क्या है, गतिज ऊर्जा क्या है

गतिज ऊर्जा की परिभाषा :- जब कोई कण या पिंड गति करता है तो कोई भी वेग गति कोणीय वेग या रेखीय वेग हो सकता है इसी गति के कारण पिंड में ऊर्जा उत्पान रहती हैं और पिंड में उसकी गति के कारण उत्पान ऊर्जा को गतिज ऊर्जा कहते है ।
  अथवा

जब कोई पिंड विराम अवस्था में रहता है तब इसे गति करवाने के लिए बाह्य बल से कार्य करना पड़ता है गति करवाने के लिए पिंड पर किया गया कार्य ऊर्जा के रूप में निहित हो जाता है उसे गतिज ऊर्जा कहा जाता है ।

भारत में तेल शोधक संयंत्र

 अथवा

किसी पिंड की गति ऊर्जा का मान पिंड की गति और द्रव्यमान पर निर्भर करता है पिंड की गति स्थानांतरिय गति या घूर्णन गति या कम्पन गति में से कोई भी गति हो सकती है प्रत्येक गति के कारण वस्तु में एक ऊर्जा उत्पान होती है उन्हें गतिज ऊर्जा कहा जाता है।

गतिज ऊर्जा का सूत्र :- माना एक वस्तु y वेग से गति कर रही है और इसका द्रव्यमान v है तो इस वस्तु कि गति के कारण इसमें उत्पान गतिज ऊर्जा का मान इसके द्रव्यमान y के आधे और वेग v के वर्ग के गुणनफल के बराबर होता है पिंड की गतिज ऊर्जा को m द्वारा गाया जाता है ।

Leave a Comment

error: Content is protected !!