भारत में शासन व प्रशासन

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भारत धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक गणराज्य है :-
भारत एक प्रभुता-सम्पन्न, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक गणराज्य है जो एकात्मक सुविधाओं के साथ संरचना में संघीय है। देश के संवैधानिक प्रमुख, राष्ट्रपति के परामर्श हेतु एक मंत्रिपरिषद होता है जिसका प्रमुख देश का प्रधानमंत्री होता है। इसी प्रकार, राज्यों में राज्यपाल के परामर्श हेतु एक मंत्रिपरिषद होता है जिसका प्रमुख राज्य का मुख्यमंत्री होता है।इस खंड में केन्द्र, राज्य एवं स्थानीय स्तर पर भारतीय शासन एवं प्रशासन के बारे में जानकारी प्रदान की गई है। इस खंड में भारत के संविधान,संसद एवं विधान मंडल, केंद्रीय प्रशासन, राज्य, जिला एवं यहाँ के स्थानीय प्रशासन के बारे में जानकारी दी गई है।

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भारत में शासन व्यवस्था :-
विश्व बैंक द्वारा दी गयी शासन की परिभाषा के अनुसार, समाज की समस्याओं और मामलों के प्रबंधन के लिए राजनीतिक अधिकार और संस्थागत संसाधनों का इस्तेमाल किया जाना शासन है |
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत दक्षिणी अमेरिका में स्थानीय शासन के लिए चलाई जा रही क्षेत्रीय परियोजना के अनुसार “यह राजनीतिक प्रक्रिया के वह नियम हैं, जिनसे लोगों के बीच मतभेदों को समाप्त किया जाता है और निर्णय लिया जाता है | इसका इस तरह से भी वर्णन किया गया है, कि संस्थाएं सही प्रकार से कार्य करें और लोग उन्हें स्वीकार करें और इसका इस्तेमाल सरकार की क्षमता के आह्वान और लोकतांत्रिक तरीके से बहुमत की उपलब्धि के रूप में भी किया गया है

भारत में प्रशासन व्यवस्था :-
प्रशासन का अर्थ उस क्रिया से है, जिसके द्वारा किसी निश्चित संस्था के द्वारा किसी निश्चित उद्देश्य की प्राप्ति के लिए जो भी कार्य किया जाता है अथवा कराया जाता है, उसे प्रशासन कहा जाता है जैसे विद्यालय प्रशासन, राजस्व विभाग इत्यादि |
ऑक्सफ़ोर्ड डिक्सनरी के अनुसार प्रशासन की परिभाषा, नगर, संस्था आदि के अधिकारों, कर्तव्यों को कार्य रूप देना है |

भारत में शासन व्यवस्था क्या है :-
शासन संचालन की गतिविधि को शासन कहते हैं, या दूसरे शब्दों में कहें तो, राज करने या राज चलाने को शासन कहा जाता है। इसका संबंध उन निर्णयों से है जो उम्मीदों को परिभाषित करते हैं, शक्ति देते हैं, या प्रदर्शन को प्रमाणित करते हैं। यह एक अलग प्रक्रिया भी हो सकती है या प्रबंधन अथवा नेतृत्व प्रक्रिया का एक खास हिस्सा भी हो सकती है। कभी कभी लोग इन प्रक्रियाओं और व्यवस्थाओं के संचालन के लिए सरकार की स्थापना करते हैं।
किसी कारोबार अथवा गैर-लाभकारी संगठन के सन्दर्भ में, शासन का तात्पर्य अविरुद्ध प्रबंधन, एकीकृत नीतियों, मार्गदर्शन, प्रक्रियाओं और किसी दिए गए क्षेत्र के निर्णायक-अधिकारों से संबंधित है। उदाहरण के लिए, कॉर्पोरेट स्तर पर प्रबंधन के लिए गोपनीयता, आंतरिक निवेश, तथा आंकड़ों के प्रयोग संबंधी नीतियाँ बनाना शामिल हो सकता है।
अगर सरकार और शासन शब्दों में अंतर किया जाए, तो जो निकलकर सामने आएगा वो यह है कि एक सरकार जो करती है वही शासन है। यह कोई भी भू-राजनीतिक सरकार (राष्ट्र-राज्य), कॉर्पोरेट सरकार (कारोबारी संस्था), सामाजिक-राजनीतिक सरकार (जाति, परिवार इत्यादि) या किसी भी अन्य प्रकार की सरकार हो सकती है। लेकिन शासन शक्ति और नीति के प्रबंधन की गतिज प्रक्रिया है, जबकि सरकार वह माध्यम (आमतौर पर सामूहिक) है जो इस प्रक्रिया को अंजाम देती है। वैसे सरकार शब्द का इस्तेमाल शासन के पर्यायवाची शब्द के तौर पर भी किया जाता है, जैसा कि कनाडाई नारे के तहत “शांति, व्यवस्था और अच्छी सरकार ” है। 1947 ई. में जाकर अंग्रेजों का भारत पर शासन समाप्त हुआ।

भारत में प्रशासन व्यवस्था क्या है :-
किसी क्षेत्र में विशिष्ट शासन या किन्ही मानव प्रबंधन गतिविधियों को प्रशासन (administration) कहा जा सकता है।

General Notes
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