साहित्य अकादमी पुरस्कार कितनी भाषाओं

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साहित्य अकादमी पुरस्कार कितनी भाषाओं

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साहित्य अकादमी पुरस्कार क्या है :-
साहित्य अकादमी पुरस्कार भारत में एक साहित्यिक सम्मान है, जो साहित्य अकादमी प्रतिवर्ष भारत की अपने द्वारा मान्यता प्रदत्त प्रमुख भाषाओं में से प्रत्येक में प्रकाशित सर्वोत्कृष्ट साहित्यिक कृति को पुरस्कार प्रदान करती है। भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल २२ भारतीय भाषाओं के अलावा ये राजस्थानी और अंग्रेज़ी भाषा; याने कुल २४ भाषाओं में प्रदान किया जाता हैं। पहली बार ये पुरस्कार सन् 1955 में दिए गए।
पुरस्कार की स्थापना के समय पुरस्कार राशि पाँच हजार रुपए थी, जो सन् 1983 में ब़ढा कर दस हजार रुपए कर दी गई और सन् 1988 में ब़ढा कर इसे पच्चीस हजार रुपए कर दिया गया। सन् 2001 से यह राशि चालीस हजार रुपए की गई थी। सन् 2003 से यह राशि पचास हजार रुपए कर दी गई है।

साहित्य अकादमी पुरस्कार कितनी भाषाओं में दिया जाता है :-
साहित्य अकादमी पुरस्कार भारत में साहित्य अकादमी द्वारा दिया जाने वाला एक साहित्यिक सम्मान है। साहित्य अकादमी द्वारा हर साल भारत की अपने द्वारा मान्यता प्रदत्त प्रमुख भाषाओं में से प्रत्येक में प्रकाशित सर्वोत्कृष्ट साहित्यिक कृति को पुरस्कार प्रदान करती है। भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल 22 भारतीय भाषाओं के अलावा ये राजस्थानी और अंग्रेज़ी भाषा सहित कुल 24 भाषाओं में प्रदान किया जाता हैं। पहली बार साहित्य अकादमी पुरस्कार सन् 1955 में दिए गए थे।

साहित्य अकादमी पुरस्कार की संक्षिप्त जानकारी :-
पुरस्कार का वर्ग साहित्य
स्थापना वर्ष 1955
पुरस्कार राशि एक लाख रुपये
प्रथम विजेता माखनलाल चतुर्वेदी
आखिरी विजेता चित्रा मुद्गल (2018)

साहित्य अकादमी पुरस्कार में मिलने वाली राशि :-
साहित्य अकादमी पुरस्कार में विजेताओं को वर्तमान सामान्य में एक लाख रुपए नक़द राशि और एक ताम्रपत्र दिया जाता है। पुरस्कार की स्थापना के समय पुरस्कार राशि 5,000/- रुपए थी, जो सन् 1983 में ब़ढा कर 10,000/- रुपए कर दी गई और सन् 1988 में ब़ढा कर इसे 25,000/- रुपए कर दिया गया। सन् 2001 से यह राशि 40,000/- रुपए की गई और उसके बाद सन् 2003 में यह राशि बढाकर 50,000/- रुपए कर दी गई थी। इसके बाद सरकार ने साल 2009 पुरस्कार की राशि को 50,000 से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया था

साहित्य अकादमी पुरस्कार का उद्देश्य :-
केंद्रीय साहित्य अकादमी आगामी 28 जनवरी से 2 फ़रवरी तक अपना वार्षिक उत्सव ‘साहित्योत्सव’ के नाम से मना रही है. इसको लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साहित्य अकादमी के सचिव के. श्रीनिवासराव ने बताया कि ‘साहित्योत्सव’ इसबार काफी बड़े व भव्य स्तर पर आयोजित होगा. साहित्योत्सव में देश के कोने-कोने से विभिन्न भाषाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 250 लेखक और विद्वान विविध कार्यक्रमों में भागीदारी करेंगे. ‘साहित्योत्सव’ की शुरुआत अकादमी की वर्ष भर की गतिविधियों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी से होगा.
रवींद्र भवन परिसर में पद्म भूषण से सम्मानित प्रख्यात लेखक, दार्शनिक, शिक्षाविद् एवं राज्य सभा के पूर्व संसद मृणाल मिरी 28 जनवरी को पूर्वाह्न 10.00 बजे इस प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे. ‘साहित्योत्सव’ के दौरान लगने वाली इस प्रदर्शनी में अकादमी की उपलब्धियों को रेखांकित किया जाएगा, जिसके तहत छायाचित्रों के माध्यम से अकादमी द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोहों, संगोष्ठियों, परिसंवादों, कार्यशालाओं, सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों तथा विभिन्न कार्यक्रम शृंखलाओं में आयोजित कार्यक्रमों की झलकियां प्रस्तुत की जाएंगी.
साहित्य अकादमी ने महात्मा गांधी के 150वें जन्म वर्ष के उपलक्ष्य में ‘साहित्योत्सव’ में एक विशेष कॉर्नर की भी व्यवस्था की है, जिसमें महात्मा गांधी द्वारा लिखित और उन पर लिखी गई लगभग 700 पुस्तकें भी प्रदर्शित की जाएंगी. 28 जनवरी को अपराह्न 2.00 बजे साहित्य अकादमी भाषा सम्मान अर्पण समारोह का आयोजन साहित्य अकादमी सभागार में होगा. इसमें साहित्य अकादमी के अध्यक्ष चंद्रशेखर कंबार कालजयी एवं मध्यकालीन साहित्य-उत्तरी क्षेत्र, पूर्वी क्षेत्र, पश्चिमी क्षेत्र के लिए तथा कोशली-संबलपुरी, पाइते और हरियाणवी के लिए अपने-अपने क्षेत्र में योगदान करने वाले 8 विद्वानों व लेखकों को सम्मानित करेंगे

साहित्य अकादमी पुरस्कार का इतिहास :-
साहित्य अकादमी ने 23 भाषाओं में अपने वार्षिक युवा पुरस्कार 2019 की घोषणा कर दी है. खास बात यह कि इन पुरस्कारों में कविता का बोलबाला रहा. अकादमी द्वारा इस साल युवा पुरस्कार के लिए चयनित कृतियों में कविता की 11 पुस्तकों, कहानी की 6 पुस्तकों, 5 उपन्यासों और 1 साहित्यिक आलोचना की कृति शामिल है |
साहित्य अकादमी ने 23 भाषाओं में अपने वार्षिक युवा पुरस्कार 2019 की घोषणा कर दी है. खास बात यह कि इन पुरस्कारों में कविता का बोलबाला रहा. अकादमी द्वारा इस साल युवा पुरस्कार के लिए चयनित कृतियों में कविता की 11 पुस्तकों, कहानी की 6 पुस्तकों, 5 उपन्यासों और 1 साहित्यिक आलोचना की कृति शामिल है |

साहित्य अकादमी पुरस्कार किस क्षेत्र में दिया जाता है :-
‘साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार 2019’ के लिए 23 भाषाओं के प्रतिनिधि सदस्यों की चयन समिति द्वारा अनुशंसित इन पुरस्कारों के लिए आज साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कंबार की अध्यक्षता में साहित्य अकादमी के कार्यकारी मंडल ने संस्वीकृति प्रदान की |
कविता विधा में जिन रचनाकारों को उनकी कृतियों के लिए पुरस्कार हेतु चुना गया, वे हैं – रुजब मुशाहारी (बोडो), अनुज लुगुन (हिंदी), सागर नाज़िर (कश्मीरी), अनुजा अकथुट्टु (मलयाळम्), जितेन ओइनाम्बा (मणिपुरी), सुशील कुमार शिंदे (मराठी), करन बिराहा (नेपाली), युवराज भट्टराई (संस्कृत), गुहिराम किस्कू (संताली), किरन परयाणी ’अनमोल’ (सिंधी) और सबरीनाथन (तमिऴ) |
कहानी विधा में जिन कहानीकारों का पुरस्कार हेतु चयन किया गया, उनमें शामिल हैं – संजीब पॉल डेका (असमिया), सुनील कुमार (डोगरी), तनुज सोलंकी (अंग्रेज़ी), अजय सोनी (गुजराती), हेमंत अइया (कोंकणी) और कीर्ति परिहार (राजस्थानी). उपन्यास विधा में पुरस्कृत कथाकार हैं – मोमिता (बाङ्ला), फकीर (श्रीधर बनवासी जी.सी.) (कन्नड), यदविंदर सिंह संधू (पंजाबी), गड्डम मोहन राव (तेलुगु) और सलाम अब्दुस समद (उर्दू). साहित्यिक आलोचना के लिए शिशिरा बेहेरा (ओडिया) का पुरस्कार हेतु चयन किया गया |
मैथिली भाषा के लिए पुरस्कार शीघ्र की तिथियों में घोषित किए जाएँगे. प्रक्रिया के अनुसार, कार्यकारी मंडल ने चयन समिति द्वारा एकमत अथवा बहुमत से चुनाव के आधार पर पुरस्कारों की घोषणा की. ये पुरस्कार किसी लेखक, जिसकी उम्र पुरस्कार-वर्ष में 1 जनवरी को 35 वर्ष से कम हो, उसकी प्रकाशित पुस्तक पर दिए जाते हैं. पुरस्कार विजेता को पुरस्कार-स्वरूप एक उत्कीर्ण ताम्र फलक तथा रु. 50000/- की राशि का चेक आने वाली किसी तिथि में एक विशेष कार्यक्रम में प्रदान किए जाएँगे |

साहित्य अकादमी पुरस्कार की राशि कितनी बढ़ाई गई :-
साहित्य अकादमी द्वारा सन् 1954 में यह साहित्यिक पुरस्कार शुरू किया गया। साहित्य अकादमी पुरस्कार इस समय 24 भाषाओं में से प्रत्येक में लिखी जाने वाली सर्वश्रेष्ठ कृतियों को दिया जाता है। इन भाषाओं में 22 मुख्य भारतीय भाषाओं के अलावा अंग्रेज़ी और राजस्थानी को भी सम्मिलित किया गया है।
पुरस्कार विजेता को धातु का एक फलक और एक निश्चित धनराशि दी जाती है। पाँच हजार रुपये से बढ़ते-बढ़ते इनाम की धनराशि अब एक लाख रुपये हो गयी है।
इन 24 मुख्य पुरस्कारों के अलावा अन्य भारतीय भाषाओं, प्राचीन या मध्यकालीन भाषाओं में किए गए कार्यों पर ‘भाषा सम्मान’ दिया जाता है। अनुवाद, बाल साहित्य लेखन और युवा लेखन के क्षेत्र में भी साहित्य अकादमी अलग-अलग सम्मान देती है, जिसमें विजेता को 50 हजार रुपये की धनराशि मिलती है। यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है कि साहित्य अकादमी के अनुसार समिति की तरफ से दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान साहित्य अकादमी फेलोशिप है, साहित्य अकादमी पुरस्कार को इसके बाद गिना जाता है।

साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेताओं की सूची :-
वर्ष साहित्यकार का नाम रचना
2018 चित्रा मुद्गल नाला सोपारा पोस्ट बॉक्स नं. 203 (उपन्यास)
2017 रमेश कुंतल मेघ विश्वमिथकसरित्सागर (पुस्तक)
2016 नासिरा शर्मा पारिजात (उपन्‍यास)
2015 रामदरश मिश्र आग की हंसी (कविता-संग्रह)
2014 रमेशचन्‍द्र शाह विनायक (उपन्‍यास)
2013 मृदुला गर्ग मिलजुल मन (उपन्‍यास)
2012 चंद्रकांत देवताले पत्थर फेंक रहा हूँ (कविता-संग्रह)
2011 काशीनाथ सिंह रेहन पर रग्घू (उपन्यास)
2010 उदय प्रकाश मोहन दास (लघु उपन्यास)
2009 कैलाश वाजपेयी हवा में हस्ताक्षर (कविता-संग्रह)
2008 गोविन्द मिश्र कोहरे में कैद रंग (उपन्यास)
2007 अमरकान्त इन्हीं हथियारों से (उपन्यास)
2006 ज्ञानेन्द्रपति संशयात्मा (कविता-संग्रह)
2005 मनोहर श्याम जोशी क्याप (उपन्यास)
2004 वीरेन डंगवाल दुश्चक्र में स्रष्टा (कविता-संग्रह)
2003 कमलेश्वर कितने पाकिस्तान (उपन्यास)
2002 राजेश जोशी दो पंक्तियों के बीच (कविता-संग्रह)
2001 अलका सरावगी कलि–कथा: वाया बाइपास (उपन्यास)
2000 मंगलेश डबराल हम जो देखते हैं (कविता-संग्रह)
1999 विनोद कुमार शुक्ल दीवार में एक खिड़की रहती थी (उपन्यास)
1998 अरुण कमल नए इलाक़े में (कविता-संग्रह)
1997 लीलाधर जगूड़ी अनुभव के आकाश में चाँद (कविता-संग्रह)
1996 सुरेन्द्र वर्मा मुझे चाँद चाहिए (उपन्यास)
1995 कुँवर नारायण कोई दूसरा नहीं (कविता-संग्रह)
1994 अशोक वाजपेयी कहीं नहीं वहीं (कविता-संग्रह)
1993 विष्णु प्रभाकर अर्द्धनारीश्वर (उपन्यास)
1992 गिरिराज किशोर ढाई घर (उपन्यास)
1991 गिरिजाकुमार माथुर मैं वक़्त के हूँ सामने (कविता-संग्रह)
1990 शिवप्रसाद सिंह नीला चाँद (उपन्यास)
1989 केदारनाथ सिंह अकाल में सारस (कविता-संग्रह)
1988 नरेश मेहता अरण्या (कविता-संग्रह)
1987 श्रीकांत वर्मा (मरणोपरांत) मगध (कविता-संग्रह)
1986 केदारनाथ अग्रवाल अपूर्वा (कविता-संग्रह)
1985 निर्मल वर्मा कव्वे और काला पानी (कहानी–संग्रह)
1984 रघुवीर सहाय लोग भूल गए हैं (कविता-संग्रह)
1983 सर्वेश्वरदयाल सक्सेना खूँटियों पर टँगे लोग (कविता-संग्रह)
1982 हरिशंकर परसाई विकलांग श्रद्धा का दौर (व्यंग्य)
1981 त्रिलोचन ताप के ताये हुए दिन (कविता-संग्रह)
1980 कृष्णा सोबती ज़िन्दगीनामा–जिन्दाय रुख़ (उपन्यास)
1979 धूमिल (मरणोपरांत) कल सुनना मुझे (कविता-संग्रह)
1978 भारत भूषण अग्रवाल उतना वह सूरज है (कविता-संग्रह)
1977 शमशेर बहादुर सिंह चुका भी हूँ नहीं मैं (कविता-संग्रह)
1976 यशपाल मेरी तेरी उसकी बात (उपन्यास)
1975 भीष्म साहनी तमस (उपन्यास)
1974 शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ मिट्टी की बारात (कविता-संग्रह)
1973 हज़ारीप्रसाद द्विवेदी आलोक पर्व (निबंध–संग्रह)
1972 भवानीप्रसाद मिश्र बुनी हुई रस्सी (कविता-संग्रह)
1971 नामवर सिंह कविता के नए प्रतिमान (समालोचना)
1970 रामविलास शर्मा निराला की साहित्य साधना (जीवनी)
1969 श्रीलाल शुक्ल रागदरबारी (उपन्यास)
1968 हरिवंश राय ‘बच्चन’ दो चट्टानें (कविता-संग्रह)
1967 अमृतलाल नागर अमृत और विष (उपन्यास)
1966 जैनेन्द्र कुमार मुक्तिबोध (उपन्यास)
1965 नगेन्द्र रस–सिद्धांत (काव्यशास्त्र)
1964 अज्ञेय आँगन के पार द्वार (कविता-संग्रह)
1963 अमृत राय प्रेमचंद: क़लम का सिपाही (जीवनी)
1961 भगवतीचरण वर्मा भूले बिसरे चित्र (उपन्यास)
1960 सुमित्रानंदन पंत कला और बूढ़ा चाँद (कविता-संग्रह)
1959 रामधारी सिंह ‘दिनकर’ संस्कृति के चार अध्याय (भारतीय संस्कृति का सर्वेक्षण)
1958 राहुल सांकृत्यायन मध्य एशिया का इतिहास (इतिहास)
1957 आचार्य नरेन्द्र देव (मरणोपरांत) बुद्ध धर्म–दर्शन (दर्शन)
1956 वासुदेवशरण अग्रवाल पद्मावत: संजीवनी व्याख्या (टीका)
1955 माखनलाल चतुर्वेदी हिमतरंगिनी (कविता-संग्रह) |

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